ब्रह्मांड के नाम मनुष्यों के संदेश
1986 – 1987
6 जून 1986 से 26 जनवरी 1987 के बीच संचालित ब्रह्मांड के नाम मनुष्यों के संदेश ज़ाँ-मार्क फ़िलिप की एकमात्र अंतरिक्ष परियोजना है जो पूर्णता तक पहुँची। 6 जून 1986 से हर व्यक्ति को यह अवसर दिया गया कि वह Minitel के माध्यम से संभावित परग्रही बुद्धियों के लिए अधिकतम दो पृष्ठों का एक संदेश दर्ज करे। इस प्रकार एकत्र किए गए 10,500 संदेशों को कूटबद्ध किया गया और फिर 26 जनवरी 1987 को नांसे की रेडियो दूरबीन से हमारी आकाशगंगा के केंद्र की दिशा में भेजा गया।
नांसे की रेडियो दूरबीन से संदेशों के प्रसारण की देखरेख म्योदों में फ़्रांसीसी राष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (CNRS) के खगोल-भौतिकविद् फ़्रांस्वा बीरो ने की। वैज्ञानिक समुदाय की अनेक हस्तियों ने अपना संदेश लिखकर परियोजना में योगदान दिया, उदाहरण के लिए खगोल-भौतिकविद् ज़ाँ ओदूज़, मिशेल कासे, ज़ाँ-क्लोद पेकेर और ऊबेर रीव्स।
मीडिया ने परियोजना को व्यापक रूप से प्रचारित किया। इस प्रकार उस पर अनेक लेख, रेडियो और टेलीविज़न कार्यक्रम प्रस्तुत हुए।
नांसे की रेडियो दूरबीन।
ब्रह्मांड के नाम मनुष्यों के संदेश परियोजना के अंतर्गत लिखे गए संदेशों का चयन।
ब्रह्मांड के नाम मनुष्यों के संदेश परियोजना की Minitel स्क्रीन। छायाचित्र: ज़ाँ-मार्क फ़िलिप, 1986
पुस्तक
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रिकॉर्डिंग © Radio France / INA और Radio suisse romande, दस्तावेज़ी प्रयोजन से उपलब्ध।
लेख
ज़ाँ-मार्क फ़िलिप द्वारा
- जब कला, अंतरिक्ष और स्वप्न मिलते हैं… और जब चिंतन अनिवार्य हो जाता है — Phréatique. Langage et création, अंक 49, ग्रीष्म 1989, पृ. 107-116।
- अनंत सूक्ष्म से अनंत विराट तक: पदार्थ / स्मृति / अंतःक्रियाशीलता / ब्रह्मांड — Les Transinteractifs में, 4 और 5 नवंबर 1988 की संगोष्ठी की कार्यवाही (कनाडाई सांस्कृतिक केंद्र, पेरिस), फ़्रैंक पॉपर के निर्देशन में “Déchiffrages” शृंखला, पृ. 82-87।
- अंतरिक्ष कला — रेमों दोदेल और निकोल लमेर दागाजो (सं.), La science et la métamorphose des arts में, पेरिस, Presses universitaires de France, 1994, पृ. 141-160।
- सांस्कृतिक मैट्रिक्स और कलात्मक सृजन: अपनी कला के शास्त्रीय अभ्यास से पारविषयकता तक — मिशेल कज़नाव और बसाराब निकोलेस्कु (प्रस्तुति), L'Homme, la science et la nature : regards transdisciplinaires में, एक्स-आँ-प्रोवाँस, Le Mail, “Science et conscience” शृंखला, 1994, पृ. 232-264।
संदर्भ और लिंक
पुस्तकें, कैटलॉग और पत्रिकाएँ
- अनिक ब्यूरो (सह-लेखक), All Aliens. Cabaret de curiosités, Subjectile / Le Phénix / Les Solitaires intempestifs, 2014, पृ. 61।
- अनिक ब्यूरो, “Art télématique. Cartographie pour un média mort”, MCD – Magazine des cultures digitales, अंक 75, सितंबर-नवंबर 2014।
- फ़्रांस्वाज़ आर्मेंगो, Titres, पेरिस, Klincksieck, 1988, अध्याय “Jean-Marc Philippe”, पृ. 213-222।
रेडियो
- मारी-ओदील मोंशिकूर, Poussière d'étoiles, France Inter, 7 फ़रवरी 1987।
- ज़ाक प्रादेल, Adrénaline, France Inter, 16 जुलाई 1986।
- फ़्रांस्वाज़ मालेत्रा, Musicomania, France Culture, 19 जुलाई 1986।















































































